भितरकनिका के मगरमच्छ

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रहस्य्मयी जंगलों में घूमते संजना और उसके दोस्तों से मिलिए। उन्हें पता चलता है कि प्रकृति से कितने आविष्कारों के लिए प्रेरणा मिलती है। भितरकनिका के मगमच्छ पढ़िए और आप भी प्रेरणा पाइये।

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Description

संजना हाल ही में शोरगुल भरे और बड़े शहर बेंगलुरु से ओडिशा के केंद्रपाड़ा में आई है। यह जगह अपने मैन्ग्रोव वनों के लिए प्रसिद्ध है। मैन्ग्रोव अजूबे वनस्पतियों और जीवों से भरा आकर्षक स्थान है। यहाँ मीठे नदी के पानी का नमकीन समुद्री जल के साथ मिलन होता है। संजना को यहाँ प्रेरणा मिलती है और वह अपने अंदर एक ‘आविष्कारक’ को खोज पाती है। साथ ही साथ उसे और उसके दोस्तों को यह भी अहसास होता है कि इस अनूठे, हरे-भरे और कीचड़ वाले क्षेत्र में पल-पल पर त्रासदी और खतरा है। नाव चलाने वाले बिमल दा उनके शिक्षक बन जाते हैं और मैन्ग्रोव के बारे में बहुत सी दिलचस्प बातें बताते हैं। संजना और उसके दोस्त जीवन के बारे में एक बड़ा महत्वपूर्ण सबक भी सीखते हैं।

संजना और उसके साथियों से मिलो जो इस रहस्यमयी जगह पर घूमते हुए पाते हैं कि कैसे नई चीजों का आविष्कार करने के लिए प्रकृति विचारों से परिपूर्ण है!

इसे English (अँग्रेज़ी) में पढें

Additional information

Weight 70 g
Dimensions 6.75 × 0.5 × 9.5 in
Available Languages

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Number of Pages

24

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