एक नई लहर

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पुहोर और उष्मी के नए रोमांचकारी कारनामों में शामिल हो जाइये। एक नई लहर आपको भी उल्लास से भर देगी।

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Description

पुहोर और उष्मी की माँ अपने कबीले के बाकी लोगों की तरह ही एक अच्छी बुनकर थीं। क्या वे मशीन से चलने वाले करघे को अपनाना चाहेंगी? पुहोर और उष्मी को विश्वास ही नहीं हुआ कि वह अपने पारम्परिक हथकरघे से संतुष्ट हैं और उन्हें इस विचार ने प्रभावित नहीं किया! पर वह दोनों भी हार मानने वालों में से नहीं थे। उन्होंने नदी के उस द्वीप पर जाकर उनके कबीले के अन्य बुनकरों से अपनी शानदार नयी तकनीक के बारे में बात करने की ठानी। विशाल ब्रह्मपुत्र नदी तभी क्या करने वाली थी इसका उन्हें अंदाज़ा भी नहीं था। द्वीप पर वर्षा का ऐसा प्रकोप हुआ कि पुहोर और उष्मी सुरक्षित लौट तो आए पर उस बीच वहाँ के लोगों की वास्तविक ज़रूरतों के बारे उन्होंने बहुत कुछ जाना। कई श्रेष्ठ शिल्पकारों की मदद से पुहोर और उष्मी ने तकनीकी विशेषज्ञता और लोगों की ज़रूरतों के बीच सामंजस्य बनाना सीखा। इस पूरे घटनाक्रम से जो अनोखी नदी की एम्बुलेन्स बनकर निकली उसका नामकरण हुआ ‘कमलाबाड़ी’। यही नाम क्यों चुना गया? पढ़िये और जानिए।

इसे English (अँग्रेज़ी) में पढें

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Weight 70 g
Dimensions 6.75 × 0.5 × 9.5 in
Available Languages

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24

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